• देहरी पूजन की विधि

    देहरी पूजन की विधि शास्त्रोंमेंदहलीजकोमहत्तवपूर्णजगहमानागयाहै।यहवोस्थानहैजोघरमेंबुरीशक्तियोंकेप्रभावकोप्रवेशकरनेसेरोकताहै। दहलीजकारोजपूजनकियाजानाघरमेंसकारात्मकऊर्जाकेप्रभावमेंवृद्धिकरताहै। दहलीजपरबनाएगएशुभमांगलिकचिह्नघरकीसुखऔरसमृद्धिमेंवृद्धिकरतेहै। दहलीजलक्ष्मीकाप्रवेशद्वारहै।विवाहकेबादजबवधूयानीकिगृहलक्ष्मीघरमेंप्रवेशकरतीहै तोघरकेदहलीजपरअन्नकाकलशरखाजाताहै।अन्नसमृद्धिकाप्रतीकहै।जिसकाअर्थहैकिगृहलक्ष्मीअपनेसाथसमृद्धिकोलिएप्रवेशकरें। देहरीपूजन पूजनसामग्री- हल्दी, कुमकुम, चावल, धूप, दीपक, गुड़...

  • तुलसी पूजन विधि

    तुलसीपूजनकीविधि सम्पन्नताकोबढ़ानेवालीदेवीतुलसीकाशास्त्रोंमेंबहुतअधिकमहत्तवबतायागयाहै।घरमेंतुलसीकाहोना।तुलसीकासम्मानकियाजाना।दुर्भाग्यकादूरकरसौभाग्यकोबढ़ानेवालाहोताहै।तुलसीकासबसेप्रमुखगुणहै -शुद्धता।तुलसीअपनेआस-पासकेवातावरणकोशुद्धबनातीहै।जिससेकितुलसीकेआसपाससकारात्मकऊर्जाअधिकमात्रामेंपाईजातीहै।यहीकारणहैकिघरमेंतुलसीकेरहनेसेघरकेवास्तुपरशुभप्रभावपड़ताहै। शास्त्रोंमेंतुलसीकोदेवीलक्ष्मीकारुपकहागयाहै।तुलसीपूजनकरनेसेदेवीलक्ष्मीकीप्रसन्नताप्राप्तहोतीहै।तुलसीकारोजजलसेसिंचनकरनावदीपअर्पितकरनाजीवनमेंप्रसन्नतालाताहै।समृद्धिबढ़ाताहै।घरमेंतुलसीमाताकापूजनकिसतरहकियाजानाचाहिए, जानतेहैंइसीबारेमें….. तुलसीपूजनकीनित्यविधि जिसप्रकारसेघरोंमेंपूजास्थानकीपवित्रताकाध्यानरखाजाताहै।उसीप्रकारसेतुलसीकेपौधेकेआसपासस्वच्छताऔरपवित्रताकाध्यानरखनाचाहिए।शास्त्रोंमेंशुक्रवारऔररविवारकोऔरसप्तमीतिथिकोतुलसीकोछूनेकीमनाहींकीगईहै।इसलिएइनतिथिवदिनोंमेंतुलसीपूजननहींकरें।तुलसीपूजनमेंसबसेपहलेतुलसीकोजलसेसींचे।तुलसीकोहल्दीअर्पितकरें।दूधवदहीअर्पितकरें।तुलसीकोदीपसमर्पितकरें।आरतीकरें।सुखवसमृद्धिबनाएरखनेकीप्रार्थनादेवीतुलसीसेकरें।तुलसीनामाष्टककापाठकरें। तुलसीनामाष्टकमंत्र – वृंदावृंदावनीविश्वपूजिताविश्वपावनी। पुष्पसारानंदनीयतुलसीकृष्णजीवनी।। एतभामांष्टकचैवस्त्रोतंनामर्थंसंयुतम। यःपठेततांचसम्पूज्यसौश्रमेघफलंलमेता।।

  • भगवान सत्यनारायण की पूजन विधि

    पूजनसामग्री देवमूर्तिकेस्नानकेलिएतांबेकापात्र, तांबेकालोटा, जलकाकलश, दूध, देवमूर्तिकोअर्पितकिएजानेवालेवस्त्रवआभूषण।चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, फूल, अष्टगंध।तुलसीदल, तिल, जनेऊ।प्रसादकेलिएगेंहूकेआटेकीपंजीरी, फल, दूध,...

  • नए वाहन की पूजन विधि

    सामग्री -कर्पूर, नारियल, फूलमाला, जलकाकलश, गुड़यामिठाई, कलावा, सिंदूरघीमिश्रित किसीअच्छेदिननएवाहनकोघरमेंलाकरउसकापूजनकरें।सबसेपहिलेदूूर्वायाआमकेपत्तेसेवाहनपरतीनबारजलछिड़के।जलछिड़कनेकेपीछेकारणयहहैकिअबयहवाहनहमारेंघरकाहिस्साहुआ।यहवाहनहमारेद्वाराअपनालियागयाहैं।इसकाहमारेघरमेंप्रवेशहमारेलिएऔरइसकेलिएशुभहो। अबसिन्दूरवघीकेतेलकेमिश्रणसेवाहनपरस्वस्तिककानिशानबनाएं।स्वस्तिकशुभहोनेकेसाथ-साथहीकाफीऊर्जाप्रदायकहोताहैं।वाहनद्वारायात्रामेंकिसीप्रकारकाव्यवधाननआएं, इसीलिएस्वस्तिकबनायाजाताहै।अबवाहनकोफूलमालापहनाएं।अबवाहनमेंतीनबारकलावालपेटे।कलावारक्षासूत्रहोताहै।जोकिवाहनकीसुरक्षाकेलिएहोताहै। अबकर्पूरसेआरतीकरें।कलशकेजलकोदाएं-बाएंडाले।यहवाहनकेलिएस्वागतकाभावकोप्रदर्शितकरताहैं।कर्पूूरकीराखसेएकतिलकवाहनपरलगादें।यहवाहनकोनजरदोषसेबचाताहै।अबवाहनपरमिठाईरखें।बादमेंयेमिठाईगौमाताकोखानेकोदें।एकनारियललेकरनएवाहनपरसेसातबारघुमाकरवाहनकेआगेफोड़े।वाहनस्टार्टकरउसेनारियलवालेस्थानपरसेहोतेहुएएकराउंडलें। नयावाहनबार-बारखराबहोरहाहोतोकरेंयहउपाय- नयावाहनसेसदाअच्छालाभमिलतारहेंइसकेलिएएकपीलीकौड़ीलें।इसकोड़ीकोकालेधागेमेंपिरोलें।बुधवारकेदिनइसेअपनेवाहनपरलटकादें।

  • नए गृह में प्रवेश की विधि

    मनुष्य के लिये अपना घर होना किसी सपने से कम नहीं होता। अपना घर यानि की उसकी...